अधूरे सपनों के फूल खिलाऊँगा

अधूरे सपनों के फूल खिलाऊँगा

Everything is possible in this world , if you want , you can ……

यादों में तेरी एक गुलिस्ताँ सजाऊँगा ,

कुछ अधूरे सपनों के बीज उसमें लगाऊँगा ,

हसरते तो बहुत हैं इस दिल के ,

पर सबसे पहले मैं तुम्हें अपना बनाउँगा || 1 ||

हर धड़कन की छाँव में इक किस्सा सजाऊँगा ,

कुछ अधूरे कहानियों के फूल उसमें लगाऊँगा ,

अरमान तो बहुत हैं इस धड़कन के ,

पर सबसे पहले मैं तुम्हारी साँसों से अपनी साँसे महकाऊँगा || 2 ||

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खुशियों के आँगन में एक आशियाना बनाउँगा ,

कुछ मुस्कुराहटों की तस्वीरें उसमें सजाऊँगा ,

मुस्कुराहटें तो बहुत हैं इस सफ़र में ,

पर सबसे पहले मैं तुम्हारी मुस्कान अपने चेहरे पर दिखाउँगा  || 3 ||

उम्मीदों के जमीन पर ख्वाहिशों खिलाऊँगा ,

कुछ अधूरे जज्बात रगो में बसाऊँगा,

चाहते तो बहुत हैं इस जीवन की ,

पर मैं तुमसे ही अपने जीवन की  तनहाईयाँ बताउँगा || 4 ||

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सपन कुमार सिंह , 12 / 08 / 2014 , मंगलवार 

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