चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 2
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चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 2

चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 1 में  आपने चुनार के स्थिति , इतिहास , ठहरने का स्थान तथा कुछ पर्यटन स्थलों के बारे में पढ़ा | इसके part 2 में मैं आपको चुनार के कुछ और बचे हुए पर्यटन स्थलों के बारे में बताने जा रहा हूँ , जो आपका मन मोह लेंगे |

चुनार - एक ऐतिहासिक नगर
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बाबा बूढ़ेनाथ का मन्दिर –

चुनार किले के तलहटी में स्थित टेकऊर में मुख्य मार्ग पर बाबा बूढ़ेनाथ का मंदिर हैं , जो स्थल से काफी ऊँचाई पर हैं | यहाँ भगवान् शंकर की प्रतिमा हैं | इस मंदिर से नगर के दक्षिणी व् पश्चिमी दृश्यों का अवलोकन किया जा सकता हैं | वहीँ मंदिर के नीचे सड़क के बगल में नगर के प्रबुद्धजनों के बैठने हेतु व्यवस्था हैं , जो हरियाली युक्त हैं | यहाँ हमेशा नगर के वरिष्ठ नागरिक आपको मिलेंगे |

चुनार - एक ऐतिहासिक नगर
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दुर्गा माँ मंदिर एवं दक्षिणेश्वर काली खोह –

चुनार रेलवे स्टेशन से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग ( NH 7 ) से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग  2  किमी० की दूरी पर एक पहाड़ी की गुफा में अतिप्राचीन माँ दुर्गा की चाँदी की प्रतिमा स्थापित हैं | इसके अलावा यहाँ भगवान शंकर का शिवलिंग , महावीर हनुमान एवं अन्य हिन्दू देवताओं की प्रतिमा स्थापित हैं | ऐसा कहा जाता हैं प्राचीन काल में सोनवा रानी किले में स्थित कुएँ पर स्नान करके प्रतिदिन सुरंग मार्ग से माँ दुर्गा के पूजन अर्चन हेतु आया करती थी |

चुनार - एक ऐतिहासिक नगर
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माँ दुर्गा मंदिर से सटे दक्षिण दिशा की ओर दक्षिण मुखी माँ काली की अतिप्राचीन प्रतिमा विद्दमान हैं , जिसे यहाँ काली खोह के नाम से भी जाना जाता हैं | इन दोनों मंदिरों पर काफी संख्या में बन्दर आपको मिलेंगे |

इफ्तेखार खां का मकबरा या पुरानी तहसील – 

चुनार - एक ऐतिहासिक नगर

चुनार किले से लगभग  2 किमी० एवं चुनार बाजार चौक से लगभग  1 किमी० की दूरी पर सरईयाँ नामक गाँव में भव्य इफ्तेखार खां का मकबरा हैं , जिसकी भव्यता ( मेरी नजर से ) चुनार के किले को भी पीछे छोड़ती हैं | यह मकबरा पूर्ण रूप से पुरातत्व विभाग के अधीन हैं | वर्तमान में इसकी देख – रेख श्री सचाऊ करते हैं | यरोपीय या अंग्रेजो के समय इस भवन का उपयोग कार्यालय के रूप में किया जाता था | आजादी के बाद भी नए तहसील भवन के निर्माण तक इसका उपयोग तहसील के रूप में किया गया | जिसके कारण इसे पुरानी तहसील या पुरनकी तहसील भी कहते हैं |

चुनार - एक ऐतिहासिक नगर

यह मकबरा भी सुबह से शाम से तक पर्यटन हेतु खुला रहता हैं | अगर आप वहाँ जाए एवं इसे बन्द पाए तो निराश ना हो , श्री सचाऊ का मकान वही समीप सड़क के कोने पर स्थित हैं | आप उनसे संपर्क करके मकबरे का भ्रमण कर सकते हैं | यकीन मानिए यहाँ आपको इतनी शान्ति मिलेगी जो शायद चुनार के किसी स्थल पर मिले | एक बार इस स्थल का भ्रमण जरुर करे |

चुनार - एक ऐतिहासिक नगर

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आचार्य जी मंदिर –

चुनार रेलवे स्टेशन से लगभग 1 – 2 किमी० की दूरी पर एकांत में श्री बल्लभाचार्य विठ्ठलनाथ जी का अतिप्राचीन मंदिर हैं | वहाँ लगा शिलापट्ट इसके इतिहास की गवाही देता हैं | यह मंदिर करीब 450 वर्षो से अधिक पुराना हैं | मंदिर में राधा – कृष्ण की प्राचीन मूर्तियाँ हैं | मंदिर से सटे हुए दो बड़े पोखरे हैं | एक मन्दिर परिसर के बाहर बगल में हैं तो दूसरा मंदिर परिसर के अंदर हैं | वाह्य पोखरे पर अतिप्राचीन भाषाशैली में लिखित  पत्थर का छोटा सा शिलापट्ट आज भी लगा हुआ हैं | मंदिर में राधा – कृष्ण के दर्शन हेतु  मंदिर का दरवाजा सुबह एवं शाम को पूजन – अर्चन के समय ही खुलता हैं अन्यथा बन्द रहता हैं | मंदिर परिसर में ही श्री विठ्ठलनाथ गेस्ट हाउस हैं , जहाँ ठहरने एवं खाने की उत्तम सुविधा बहुत ही कम मूल्य पर उपलब्ध हैं |

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गंगा घाट –

चुनार क्षेत्र का एक और सुकून प्रदायी स्थल हैं | गंगा नदी के किनारे कई प्राचीन एवं आधुनिक मंदिर हैं | यहाँ पोस्ट आँफिस के बगल में स्थित शिव मंदिर भी लगभग 500 वर्ष पुराना हैं | माता संतोषी मंदिर पर सुबह – शाम पूजा – अर्चन होती रहती हैं तथा घंटो की आवाज कानों में जैसे ही पड़ती हैं ऐसा लगता हैं मानो सारी चिंताए समाप्त हो गयी हों | यहाँ बैठने के लिए निषाद राज पार्क , पुस्तकालय , संतोषी माता मन्दिर , राम घाट आदि अन्य स्थान हैं , जहाँ नगर के सम्भ्रांत नागरिक आकर बैठते हैं एवं अपने विचारों का आदान – प्रदान करते हैं | यहाँ पवित्र गंगा नदी की गंगा आरती भी प्रतिदिन शाम में सूर्यास्त के समय की जाती हैं |

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जरगों जलाशय –

चुनार रेलवे स्टेशन से लगभग 12 – 15 किमी० की दूरी पर जरगो नदी पर एक बैराज का निर्माण किया गया हैं , जिसे जरगो बाँध , जरगों जलाशय या जरगों डैम कहा जाता हैं | इस जलाशय से सिचाई हेतु पानी नहरों के माध्यम द्वारा सिंचित क्षेत्रों तक पहुचायीं जाती हैं साथ ही इसका उपयोग मछली पालन में भी किया जाता हैं | यह स्थान पिकनिक हेतु उचित स्थान हैं |

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चुनार बाजार –

चुनार बाजार में आपको जरूरत के सारे सामान मिल जायेंगे | अगर आपको शापिंग करनी हू तो कपड़ो एवं रेडीमेड हेतु अग्रवाल कलेक्शन तथा गोला बाजार स्थित साईं गारमेन्ट्स , राजघराना व् बेड किंग सर्वोत्तम दुकाने हैं | स्वीट्स ( मिठाई )  हेतु बाजार के चौक पर स्थित दीपबहार स्वीट्स सर्वोत्तम हैं |

 

 

 

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