इतना ना मुस्कुराइए !

इतना ना मुस्कुराइए !

इस कदर इतना ना मुस्कुराइए ,

हम पर बिजली ना गिराइए ,

घायल हो जायेंगे हम ,

हमें घायल ना बनाइए  || 1 ||

इस कदर लुका – छिपी ना खेलिए ,

हमें इतना ना थकाइए ,

सपनों में खो जायेंगे हम ,

हमें नींद में ना सुलाइए  || 2 ||

इस कदर नैनो को ना मटकाइए ,

हम पर तीर ना चलाइए ,

जख्मी हो जायेंगे हम ,

हमें जख्मी शेर ना बनाइए  || 3 ||

इस कदर इतना ना शर्माइए ,

हमारे अन्दर तूफ़ान  ना उठाइए ,

बेताब हो जायेंगे हम ,

हमें इतना ना तड़पाइए  || 4 ||

इस कदर इतनी दूर ना बैठिए ,

हम पर सितम ना ढायिए ,

रूठ जायेंगे हम ,

हमें रूसवा ना बनाइए  || 5 ||

इस कदर हमसे दूर ना जाइए ,

आँखों के चिरागों को ना बुझाइए ,

रोने लगेंगे हम ,

हमें इतना ना रूलाइए || 6 ||

इस कदर यादों में ना आइए ,

हमें इतना ना सताइए ,

अंगुलियाँ बन जायेंगी कलम ,

हमसें नई कविता ना लिखवाइए  || 7 ||

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सपन कुमार सिंह , 29 / 09 / 2007 , शनिवार 

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