पढ़ना हमें आता हैं !

पढ़ना हमें आता हैं !

 

If you have vision of love , vision of emotion , you can catch every feeling of love one around yourself , 

so keep open your eyes as well as your vision of love ……

 

तुम लाख छुपाओं , अपने दिल की बातों को हमसे ,

पर चेहरा पढ़ना हमें आता हैं  || 1 ||

तुम लाख बंद करो , अपने दिल के दरवाजे को ,

पर दरवाजा तोड़ना हमें आता हैं  || 2 ||

तुम्हारे दिल में लाख अँधेरा सही – 2 ,

पर उस दिल में उजाला करना हमें आता हैं  || 3 ||

तुम लाख मना करों , हमें अपने ख़्वाबों में आने से ,

पर ख़्वाबों में आकर तुम्हें सताना हमें आता हैं  || 4 ||

तुम ना दो हमें अपने दिल में जगह – 2 ,

पर तुम्हारे दिल में जगह बनाना हमें आता हैं  || 5 ||

तुम भुला दो हमें – 2 , मत याद करों हमें ,

पर तुम्हें अपने मोहब्बत की याद दिलाना हमें आता हैं  || 6 ||

तुम हमारे मोहब्बत को अपने दिल में अपनाकर भी ,

हमसे छुपाने का बहाना करते हो ,

पर तुम – 2 , इतना याद रखना कि इन छिपाने के बहानों को मिटाना हमें आता हैं  || 7 ||

तुम मुझे देखकर मुस्कुराते हो , और खिलखिलाकर हमारे पीछे हँसते हो ,

पर ऐ जालिम , तुम्हारी इन जानलेवा अदाओं को पढ़ना हमें आता हैं  || 8 ||

तुम लाख छुपाओं अपने दिल के तड़प को , इंतजार को ,

इंतजार में बहने वाले इन आँसुओं को ,

पर तुम्हारी इन आँसुओं की चिट्ठी को पढ़ना हमें आता हैं  || 9 ||

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सपन कुमार सिंह , 30 / 10 / 2006 , सोमवार 

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