माना कमजोर हैं नजरें हमारी

माना कमजोर हैं नजरें हमारी

माना कमजोर हैं नजरें हमारी ,

पर इतनी भी नहीं ,

आप इशारा करें और ,

हम समझ न पाये ,

हम इतने भी गैर नहीं || 1 ||

इशारों – इशारों में धड़कन चुरा ली मेरी ,

और इल्जाम हम पर लगा दिया ,

हम इतने भी मुर्ख नहीं || 2 ||

आपकी आँखों से झलकते हैं ,

पैमाने अनकहीं बातों के ,

हम इन्हें पढ़ ना पाए ,

हम इतने भी अनपढ़ नहीं || 3 ||

आप के अन्दर उठ रहे ,

शोले मोहब्बत के ,

हम इन्हें भाप ना पाए ,

हम इतने कमसिन नहीं || 4 ||

माना कमजोर हैं नजरें हमारी ,

पर इतनी भी नहीं ,

कि आपको हम समझ ना सके || 5 ||

सपन कुमार सिंह , 12 / 04 / 2007 , गुरूवार

छेड़ गया कोई !

जवानी

घर का पता बता जाना

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