लखनिया दरी – अहरौरा

लखनिया दरी की स्थिति  यह जलप्रपात अहरौरा नगर से लगभग 10 किमी० की दूरी पर वाराणसी से शक्तिनगर मार्ग पर स्थित हैं | लखनिया दरी काफी बड़े भू - भाग में फैला हैं , जो कि प्राकृतिक स्थलाकृतियों से परिपूर्ण हैं | यहाँ पर जलप्रपात से कुछ दूरी पर दुर्लभ जंगली जानवर भी रहते हैं , साथ ही कुछ विलुप्तप्राय वनस्पतियाँ भी मिलती हैं | कैसे जाएँ  लखनिया दरी वाराणसी कैन्ट स्टेशन से सीधे अपनी प्राइवेट वाहन द्वारा या रोडवेज या ऑटो द्वारा पहुचा जा सकता हैं | मिर्जापुर या चुनार से जाने के लिए या तो आप नारायणपुर से वाराणसी - शक्तिनगर मार्ग से मुड़ सकते हैं , या चुनार से 5 किमी० की दूरी पर जमुई नामक स्थान से जमुई - अहरौरा मार्ग

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बाबा सिद्धनाथ की दरी – चुनार

बाबा सिद्धनाथ की दरी की स्थिति  यह जलप्रपात चुनार से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग 17 किमी० की दूरी पर सक्तेशगढ़ नामक स्थान पर स्थित हैं | यह प्राकृतिक वादियों से परिपूर्ण एक मनोरम स्थान हैं | यहाँ आकर मानों वाही चैन व् सुकून वापस मिल गया हो | यहाँ पहाड़ी झरना हैं जो कई फीट ऊँचाई पर स्थित है | 

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सन्स्क्रीन : आपके त्वचा को धूप की पराबैंगनी किरणों से बचाए

सन्स्क्रीन : जरूरी क्यों  चाहे मौसम कोई भी हो हमारे  चेहरे एवं त्वचा की ख़ास देखभाल जरुरी हैं | विशेषकर गर्मी के दिनों में धूप तेज निकलती हैं तथा उसमें पराबैंगनी किरणों की मात्रा भी ज्यादा होती हैं | हम सभी धूप से बचने हेतु कोई न कोई उपाय जरुर करते हैं , कुछ लोग छाता लेकर चलते हैं , कुछ लोग लोग अपने अपने चेहरे को स्टाल या सूती टावल से बाँध लेते हैं जबकि कुछ लोग बिना किसी वस्तु के प्रयोग के धूप में यू ही काम करते हैं या निकलते हैं | आपने अक्सर बाजारों में या अन्य स्थानों पर किसी मजदूर को काम करते हुए देखा होगा , पर क्या आपने धूप के प्रभाव से उसके शरीर पर एवं चेहरे पर पड़ी काली लकीरों या कालेपन को देखा | ये कालापन कुछ और नहीं बल्कि धूप का प्रभाव हैं |अगर हम दूप एवं उसकी पराबैंगनी किरणों से स्वयं की रक्षा नहीं करंगे तो हो सकता हैं हमें पराबैंगनी किरणों से त्वचा कैंसर हो

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ये मैनें जाना ना था !

ये मैनें जाना ना था ! My feelings tried to come out from my heart but ............................ भावनाओं का तूफ़ान इस तरह , मेरी ज़िन्दगी में आएगा , ये मैनें जाना ना था  || 1 || तूफानों की इन तेज हवाओं में , इस साहिल पर मैं अकेला रहूँगा , सिर्फ एक तिनके का सहारा होगा ,

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तूफाने सफ़र ज़िन्दगी में !

Success always wins with the struggle of life and barriers are broken. this is the moral story of life and it's always true............. तूफाने सफ़र ज़िन्दगी में ! मुश्किलें और भी आएंगी , राहे सफ़र ज़िन्दगी में  | अँधेरा और भी घना होगा , मंजिले तलाश में | कोई साया भी साथ न होगा तेरे ,

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गुमनाम शहीद

गुमनाम शहीद भारत माँ के आँचल तले , सो गये ना जाने कितने गुमनाम शहीद || 1 || कितने नाम , कितने चेहरे ,कितने मासूम , कितने वीर थे , गुमनाम शहीद || 2 || जंगल - जंगल , बस्ती - बस्ती ,

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आपकी यादें

आपकी यादें याद करता हूँ आपको , तो इस धड़कते दिल को , आपकी जुदाई का एहसास होता हैं , और जुदाई में सिर्फ खामोशियाँ हैं || 1 || सोचता हूँ आपको , तो आपके साथ बिताये , वो हँसीन पल याद आते हैं , और इन खुशनुमा पलों में सिर्फ ,

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आदत न थी

हमें लिखने की आदत न थी , पर आपकी सोहबत ने हमें लिखना सिखा दिया || 1 || हमें यू इशारों में बात करने की आदत न थी ,  पर आपकी नजरों ने हमें इशारों में बात करना सिखा दिया || 2 ||  हमें इस तरह बोलने की आदत न थी , पर आपके नगमों ने मेरे लब्जों को थिरकना सिखा दिया  || 3 ||

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छेड़ गया कोई !

सपनों में आकर  ,  मेरे ख़्वाबों को छेड़ गया कोई , मुस्कुराहटों पर मेरी , चार चाँद लगा गया कोई , आँखों में मेरी ,  नशीली प्यास जगा गया कोई , साँसों से ,  साँसों की खुश्बू को बढ़ा गया कोई ,

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जवानी

जवानी  कदम बहकने लगे जब राहों में ,  नैंन शर्माने लगे जब आईने में , शोखियाँ आने लगे जब बातों में , तो समझो जवानी ने चिट्ठी डाली  || 1 || हर आहट पर जब नजरे उठने लगे , बिना वजह जब मुस्कान नाचने लगे , मधुरता छलकने लगे जब बातों में , तो समझो जवानी ने डेरा डाला || 2 || मचलने लगे दिल जब अंगड़ाई को , तनहा होने लगे मन जब अपनों के बीच , आठों पहर सताने लगे जब बेचैनी बांहों की ,

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