सन्स्क्रीन : आपके त्वचा को धूप की पराबैंगनी किरणों से बचाए

सन्स्क्रीन : आपके त्वचा को धूप की पराबैंगनी किरणों से बचाए

सन्स्क्रीन : जरूरी क्यों

चाहे मौसम कोई भी हो हमारे  चेहरे एवं त्वचा की ख़ास देखभाल जरुरी हैं | विशेषकर गर्मी के दिनों में धूप तेज निकलती हैं तथा उसमें पराबैंगनी किरणों की मात्रा भी ज्यादा होती हैं | हम सभी धूप से बचने हेतु कोई न कोई उपाय जरुर करते हैं , कुछ लोग छाता लेकर चलते हैं , कुछ लोग लोग अपने अपने चेहरे को स्टाल या सूती टावल से बाँध लेते हैं जबकि कुछ लोग बिना किसी वस्तु के प्रयोग के धूप में यू ही काम करते हैं या निकलते हैं | आपने अक्सर बाजारों में या अन्य स्थानों पर किसी मजदूर को काम करते हुए देखा होगा , पर क्या आपने धूप के प्रभाव से उसके शरीर पर एवं चेहरे पर पड़ी काली लकीरों या कालेपन को देखा | ये कालापन कुछ और नहीं बल्कि धूप का प्रभाव हैं |अगर हम दूप एवं उसकी पराबैंगनी किरणों से स्वयं की रक्षा नहीं करंगे तो हो सकता हैं हमें पराबैंगनी किरणों से त्वचा कैंसर हो सकता हैं , साथ ही त्वचा सम्बन्धी चर्म रोग एवं एलर्जी भी हो सकता हैं | सन्स्क्रीन में उपस्थित टिटेनियम आक्साईड तथा जिंक  आक्साइड धूप  के प्रभाव को रोकता हैं | ये लगभग 90 %  पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेते हैं जबकि केवल 10 % पराबैंगनी किरणों को अपकीर्णीत करते हैं |

 

सन्स्क्रीन : आपके त्वचा को धूप की पराबैंगनी किरणों से बचाए

आज बाजार में तमाम तरह के प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं , जो आपकों धूप से बचाने के दावे करते हैं |  पर आप उसी प्रोडक्ट को अपने डाक्टर की सलाह से चुने , जो आपके त्वचा को सूट करता हो | इसी कड़ी में आइए हम आपको सन्स्क्रीन के बारे में जानकारी देते हैं | साथ ही सन्स्क्रीन को कब और  कैसे लगाना हैं तथा कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में जो आपकी त्वचा को कोमल , मुलायम और चमकदार बनाती है तथा धूप के प्रभाव से काले पड़ चुके चेहरे की रंगत वापस भी लाटी हैं | 

सन्स्क्रीन : कब लगाएँ तथा उसके बाद क्या लगाएँ 

गर्मी के दिनों में घर से बाहर निकलने से पहले लगाए | पहले त्वचा को फेसवास से अच्छी तरह साफ़ करके टावल से पोछ ले | फिर उसके बाद एस पी एफ 15 से एस पी एफ 30 के बीच का सन्स्क्रीन , जो आपके चेहरे को सूट करता हो,  लगाएँ | आमतौर पर एस पी एफ 15 युक्त सन्स्क्रीन ही प्रयोग में लाया जाता हैं | इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सन्स्क्रीन आपकी त्वचा के अनुरूप हों |

सन्स्क्रीन : आपके त्वचा को धूप की पराबैंगनी किरणों से बचाए

इसके लिए आप अपने डाक्टर की सलाह ले सकते हैं | सन्स्क्रीन सूखने के बाद उस पर सनप्रूफ फाउन्डेशन और काम्पैक्ट , जिसमें एस पी एफ 15 तक की मात्रा हों , लगाएँ | इसके बाद आप मेकअप का प्रयोग कर सकते हैं | आजकल बाजार में एस पी एफ युक्त लीपबाम या लिपस्टिक भी मौजूद हैं जो आपके होठों को धूप से बचाती है , इसके साथ ही आप पेट्रोलियम जेली का भी प्रयोग कर सकते है |

सन्स्क्रीन का प्रभाव दिन भर नहीं रहता हैं , इसलिए 3 – 4 घंटे के अन्तराल पर सन्स्क्रीन लोशन या एस पी एफ युक्त काम्पैक्ट का प्रयोग करें |

कुछ घरेलू नुस्खें : धूप के प्रभाव को कम करें  

अगर धुप में आपकी स्किन काली पड़ गयी हैं तो यहाँ दिए कुछ घरेलू नुस्खें आपको काफी राहत देंगे |

  • काली पड़ चुकी त्वचा पर एलोवेरा जेल को मलें और रात भर के लिए छोड़ दें | सुबह उठकर ठंडे पानी से उसे धो ले | रोजाना इसके प्रभाव से सनटेन आसानी से दूर हो जाएगा |
  • शहद त्वचा के लिए सबसे अच्छा माँइस्चराइजर होता हैं | पपीते और शहद को मिला कर धूप में काली पड़ी त्वचा पर लगाए तो सनटेन या कालेपन को आसानी से दूर किया जा सकता हैं |
  • पपीते के प्रयोग से त्वचा पर जमीं बेकार पपड़ी को हटाया जा सकता हैं | साथ ही त्वचा को सफे एवं गुलाबी रंगत प्राप्त होती हैं |
  • एक चम्मच शहद में आधा कप पपीता घोलकर टैनिंग वाले स्थानों पर लगाएँ | आधे घंटे तक इसे टैनिंग वाले स्थान पर लगे रहने दे | लेप के सूखने के पश्चात् इसे ठंडे पानी से धो ले | आपकी त्वचा कोमल , मुलायम हो जायेगी , आप फर्क स्वयं महसूस करेंगे |

सन्स्क्रीन : आपके त्वचा को धूप की पराबैंगनी किरणों से बचाए

  • चन्दन और हल्दी को बराबर मात्रा में इसे गुलाब जल में घोलकर इसका पेस्ट बना लें | इस पेस्ट को धूप में पड़ चुकी काली त्वचा पर लगाएँ | लेप के सूखने पर उसे पानी से धो ले | इसे सप्ताह में दो बार प्रयोग करें | यह नुस्खा आपकी त्वचा की रंगत को बदल क्र राख देगीं |
  • ओटमील पाउडर को बटरमिल्क के साथ मिलाकर प्रयोग करने से त्वचा के कालेपन एवं गर्मीं से होने वाले फफोले में राहत मिलती हैं | साथ ही केवल ओटमील त्वचा के रोम छिद्रों को साफ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा यह त्वचा को नरम भी करती हैं |
  • ओटमील पाउडर को बटरमिल्क और शहद के साथ मिलाकर पेस्ट बना ले | इस पेस्ट को 20 मिनट तक टैनिंग वाली जगह पर लगाएँ उसके बाद ठंडे पानी से धो लें | टैनिंग काफी कम हो जायेगी |

also read :   जानिए चाय के विभिन्न प्रकार एवं उन्हें बनाने के तरीके

also read :   शब्द और अनुभव – जीवन और जीवन का सार

Leave a Reply

Close Menu