प्रकृति का उपहार – राजदरी व् देवदरी ( चन्दौली )

प्रकृति प्रेमियों के लिए राजदरी व् देवदरी जन्नत समान हैं , यहाँ के जैसा सुन्दरतम दृश्य एवं वन - सम्पदा से परिपूर्ण कोई और स्थान नहीं हो सकता हैं | यह स्थान अपने आप में एक अलग स्थान रखता हैं | केवल यह स्थान ही नहीं अपितु यहाँ आने से पहले पड़ने वाले घनघोर जंगल के बीच से गुजरता सड़क जैसे अपनी कहानी कह रहा हो , एक कविता गुनगुना रहा हो , ऐसा मालूम पड़ता हैं | 

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लखनिया दरी – अहरौरा

लखनिया दरी की स्थिति  यह जलप्रपात अहरौरा नगर से लगभग 10 किमी० की दूरी पर वाराणसी से शक्तिनगर मार्ग पर स्थित हैं | लखनिया दरी काफी बड़े भू - भाग में फैला हैं , जो कि प्राकृतिक स्थलाकृतियों से परिपूर्ण हैं | यहाँ पर जलप्रपात से कुछ दूरी पर दुर्लभ जंगली जानवर भी रहते हैं , साथ ही कुछ विलुप्तप्राय वनस्पतियाँ भी मिलती हैं | कैसे जाएँ  लखनिया दरी वाराणसी कैन्ट स्टेशन से सीधे अपनी प्राइवेट वाहन द्वारा या रोडवेज या ऑटो द्वारा पहुचा जा सकता हैं | मिर्जापुर या चुनार से जाने के लिए या तो आप नारायणपुर से वाराणसी - शक्तिनगर मार्ग से मुड़ सकते हैं , या चुनार से 5 किमी० की दूरी पर जमुई नामक स्थान से जमुई - अहरौरा मार्ग

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बाबा सिद्धनाथ की दरी – चुनार

बाबा सिद्धनाथ की दरी की स्थिति  यह जलप्रपात चुनार से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग 17 किमी० की दूरी पर सक्तेशगढ़ नामक स्थान पर स्थित हैं | यह प्राकृतिक वादियों से परिपूर्ण एक मनोरम स्थान हैं | यहाँ आकर मानों वाही चैन व् सुकून वापस मिल गया हो | यहाँ पहाड़ी झरना हैं जो कई फीट ऊँचाई पर स्थित है | 

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आपकी यादें

आपकी यादें याद करता हूँ आपको , तो इस धड़कते दिल को , आपकी जुदाई का एहसास होता हैं , और जुदाई में सिर्फ खामोशियाँ हैं || 1 || सोचता हूँ आपको , तो आपके साथ बिताये , वो हँसीन पल याद आते हैं , और इन खुशनुमा पलों में सिर्फ ,

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चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 2
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चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 2

बाबा बूढ़ेनाथ का मन्दिर - चुनार किले के तलहटी में स्थित टेकऊर में मुख्य मार्ग पर बाबा बूढ़ेनाथ का मंदिर हैं , जो स्थल से काफी ऊँचाई पर हैं | यहाँ भगवान् शंकर की प्रतिमा हैं | इस मंदिर से नगर के दक्षिणी व् पश्चिमी दृश्यों का अवलोकन किया जा सकता हैं | वहीँ मंदिर के नीचे सड़क के बगल में नगर के प्रबुद्धजनों के बैठने हेतु व्यवस्था हैं , जो हरियाली युक्त हैं | यहाँ हमेशा नगर के वरिष्ठ नागरिक आपको मिलेंगे | दुर्गा माँ मंदिर एवं दक्षिणेश्वर काली खोह - चुनार रेलवे स्टेशन से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग ( NH 7 ) से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग  2  किमी० की दूरी पर एक पहाड़ी की गुफा में अतिप्राचीन माँ दुर्गा की चाँदी की प्रतिमा स्थापित हैं | इसके अलावा यहाँ भगवान शंकर का शिवलिंग , महावीर हनुमान एवं अन्य हिन्दू देवताओं की प्रतिमा स्थापित हैं | ऐसा क

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चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 1
https://www.youtube.com/watch?v=pSqW5k-k-6Q

चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 1

चुनार भारत के उत्तर - प्रदेश राज्य के जिला - मिर्जापुर में पवित्र गंगा नदी के किनारे पर बसा एक तहसील स्तरीय क्षेत्र हैं | जहाँ नगर पालिका परिषद्  , चुनार भी हैं | यह मिर्जापुर जिला मुख्यालय से लगभग 36 किमी० की दूरी पर  , विन्ध्याचल से लगभग 42 किमी० की दुरी पर  , वाराणसी  ( बनारस ) कैन्ट से लगभग 50 किमी० की दूरी पर तथा मुगलसराय जंक्शन ( वर्तमान में पं० दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन ) से लगभग 40 किमी० की दूरी पर स्थित हैं | चुनार क्षेत्र की समुद्र तल ऊँचाई 84 मी० या 276 फीट हैं | यहाँ का पिन कोड - 231304 हैं | चुनार , रेलवे एवं सड़क मार्ग द्वारा मुख्य नगरों मिर्जापुर , विन्ध्याचल , वाराणसी , मुगलसराय से जुड़ा हुआ हैं | चुनार जंक्शन रेलवे स्टेशन दिल्ली - हावड़ा मुख्य रेलवे मार्ग पर स्थित हैं जबकि भारत की सबसे लम्बी राष्ट्रीय राजमार्ग ( NH 7 ) , वाराणसी से कन्याकुमारी , चुनार से होकर गुजरती हैं |

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