प्रकृति का उपहार – राजदरी व् देवदरी ( चन्दौली )

प्रकृति प्रेमियों के लिए राजदरी व् देवदरी जन्नत समान हैं , यहाँ के जैसा सुन्दरतम दृश्य एवं वन - सम्पदा से परिपूर्ण कोई और स्थान नहीं हो सकता हैं | यह स्थान अपने आप में एक अलग स्थान रखता हैं | केवल यह स्थान ही नहीं अपितु यहाँ आने से पहले पड़ने वाले घनघोर जंगल के बीच से गुजरता सड़क जैसे अपनी कहानी कह रहा हो , एक कविता गुनगुना रहा हो , ऐसा मालूम पड़ता हैं | 

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विंढमफाल – मिर्जापुर

विंढमफाल की स्थिति  विंढमफाल मिर्जापुर - राबर्ट्सगंज मुख्य मार्ग पर मिर्जापुर मुख्यालय से 15 किमी० की दूरी पर स्थित हैं | 

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बाबा सिद्धनाथ की दरी – चुनार

बाबा सिद्धनाथ की दरी की स्थिति  यह जलप्रपात चुनार से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग 17 किमी० की दूरी पर सक्तेशगढ़ नामक स्थान पर स्थित हैं | यह प्राकृतिक वादियों से परिपूर्ण एक मनोरम स्थान हैं | यहाँ आकर मानों वाही चैन व् सुकून वापस मिल गया हो | यहाँ पहाड़ी झरना हैं जो कई फीट ऊँचाई पर स्थित है | 

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चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 2
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चुनार – एक ऐतिहासिक नगर Part 2

बाबा बूढ़ेनाथ का मन्दिर - चुनार किले के तलहटी में स्थित टेकऊर में मुख्य मार्ग पर बाबा बूढ़ेनाथ का मंदिर हैं , जो स्थल से काफी ऊँचाई पर हैं | यहाँ भगवान् शंकर की प्रतिमा हैं | इस मंदिर से नगर के दक्षिणी व् पश्चिमी दृश्यों का अवलोकन किया जा सकता हैं | वहीँ मंदिर के नीचे सड़क के बगल में नगर के प्रबुद्धजनों के बैठने हेतु व्यवस्था हैं , जो हरियाली युक्त हैं | यहाँ हमेशा नगर के वरिष्ठ नागरिक आपको मिलेंगे | दुर्गा माँ मंदिर एवं दक्षिणेश्वर काली खोह - चुनार रेलवे स्टेशन से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग ( NH 7 ) से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग  2  किमी० की दूरी पर एक पहाड़ी की गुफा में अतिप्राचीन माँ दुर्गा की चाँदी की प्रतिमा स्थापित हैं | इसके अलावा यहाँ भगवान शंकर का शिवलिंग , महावीर हनुमान एवं अन्य हिन्दू देवताओं की प्रतिमा स्थापित हैं | ऐसा क

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