क़दमों का रूख

मोड़ लेना , जब दिल के सागर में , तूफ़ान उठने लगे , कश्ती का रूख , किनारों की ओर मोड़ लेना रुख मोड़ लेना

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बाबा सिद्धनाथ की दरी – चुनार

बाबा सिद्धनाथ की दरी की स्थिति  यह जलप्रपात चुनार से राजगढ़ सम्पर्क मार्ग पर चुनार से लगभग 17 किमी० की दूरी पर सक्तेशगढ़ नामक स्थान पर स्थित हैं | यह प्राकृतिक वादियों से परिपूर्ण एक मनोरम स्थान हैं | यहाँ आकर मानों वाही चैन व् सुकून वापस मिल गया हो | यहाँ पहाड़ी झरना हैं जो कई फीट ऊँचाई पर स्थित है | 

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छेड़ गया कोई !

सपनों में आकर  ,  मेरे ख़्वाबों को छेड़ गया कोई , मुस्कुराहटों पर मेरी , चार चाँद लगा गया कोई , आँखों में मेरी ,  नशीली प्यास जगा गया कोई , साँसों से ,  साँसों की खुश्बू को बढ़ा गया कोई ,

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