विंढमफाल – मिर्जापुर

विंढमफाल – मिर्जापुर

विंढमफाल की स्थिति

विंढमफाल मिर्जापुर – राबर्ट्सगंज मुख्य मार्ग पर मिर्जापुर मुख्यालय से 15 किमी० की दूरी पर स्थित हैं |

कैसे पहुँचे

मिर्जापुर मुख्यालय से आप ऑटो बुक कर यहाँ पहुँच सकते हैं या अपने प्राइवेट वाहन द्वारा यहाँ आ सकते हैं | चुनार से विंढमफाल जाने के दो रास्ते हैं | पहला – चुनार से राजगढ़ जाकर मुख्य मार्ग पर जाकर , वहाँ से मिर्जापुर की ओर जाना होगा | दूसरा – चुनार से NH – 7 द्वारा मिर्जापुर जाकर मिर्जापुर – राबर्ट्सगंज मुख्य मार्ग द्वारा विंढमफाल पहुचना |

विशेषता एवं आकर्षण

विंढमफाल केवल बरसात के मौसम में ही नहीं गर्मी के दिनों में भी घुमने के लिए उपयुक्त हैं | बरसात के दिनों में झरना की सुन्दरता को देखते ही बनता हैं , तो वहीँ गर्मी के दिनों में पानी के सूखने के बाद पत्थरों की परत दर परत स्थिति मन को अत्यधिक प्रभावित करती हैं | विंढमफाल व्यक्ति के मन को सुकून देने वाला एक प्राकृतिक रमणीय स्थल हैं |

विंढमफाल

यहाँ कलकल करता पहाड़ी झरना , हाथी पार्क , झूला इत्यादि हैं | अगर हम बात करे सरकारी सुविधाओं की तो यहाँ पंचायत भवन का गेस्ट भवन , वन विभाग की नर्सरी , फूलपत्ती और खूबसूरत नदी , पहाड़ , जंगल , पशु – पक्षी से युक्त वो सारी वस्तुएँ उपलब्ध हैं , जो मन को सुकून प्रदान करती हैं | विंढमफाल पर वन विभाग की ओर से नदी को पार करने के लिए लोहे का एक छोटा सा पुल बनाया गया हैं , जो इसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा देती हैं |

क्या करें

विंढमफाल पर करने के लिए सबसे पहली चीज हैं यहाँ आकर फाल में नहाना एवं जलक्रीडा करना | विंढमफाल पर विदेशी सैलानी भी आते हैं | यहाँ के सैलानियों में सबसे अधिक सैलानी मिर्जापुर , वाराणसी एवं सोनभद्र के होते हैं | विंढमफाल पर स्कूल एवं कालेजों के शिक्षार्थियों टूर अक्सर देखने को मील जायेंगे | ये सैलानी यहाँ आकर बाटी – चोखा , खीर – पूरी इत्यादि स्वादिष्ट व्यंजन लकड़ी या गाय के गोबर से बने उपली या कंडे पर बनाते हैं , जिससे व्यंजन की सुगन्ध एवं स्वाद और भी बढ़ जाती हैं | इसके अलावा यहाँ फोटोग्राफी भी की जा सकती हैं |

सावधानियाँ

पहाड़ी झरनों एवं नदियों में अक्सर अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहता हैं | जिसे थोड़ी सी सावधनी से दूर किया जा सकता हैं |

  • सबसे पहले झरने या फाल पर नहाते समय लापरवाही ना बरते |
  • पत्थरों पर होने वाले फिसलन का विशेष ध्यान रखें |
  • नशे में धुत होकर फाल के अन्दर प्रवेश ना करे , यह वर्जित हैं |
  • बारिश के समय कोशिश करे फाल में ना नहाये क्योंकि पानी कभी भी बढ़ सकता हैं |
  • निर्धारित स्थल पर ही भोजन करें |
  • पीने के पानी उपलब्धता यहाँ पर नहीं हैं , अत: आप यहाँ पीने के पानी के साथ जाएँ |
  • भोजन या पिकनिक उपरान्त उस स्थान को साफ़ करना कतई ना भूले क्योंकि अगर स्वच्छता होगी तभी आप या हम वहाँ जायेंगे अन्यथा नहीं |
  • कपड़े बदलते समय विशेष सावधानी बरते |
  • यहाँ पर अक्सर वन्य जीवों का खतरा बना रहता हैं | इसलिए जब भी यहाँ घूमने जाएँ , सचेत एवं चौकन्ने रहे |

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