आपकी यादें

आपकी यादें

also read :  आदत न थी

also read :  पढ़ना हमें आता हैं !

आपकी यादें

याद करता हूँ आपको ,

तो इस धड़कते दिल को ,

आपकी जुदाई का एहसास होता हैं ,

और जुदाई में सिर्फ खामोशियाँ हैं || 1 ||

सोचता हूँ आपको ,

तो आपके साथ बिताये ,

वो हँसीन पल याद आते हैं ,

और इन खुशनुमा पलों में सिर्फ ,

आपका चेहरा नजर आता हैं || 2 ||

सोता हूँ नींद में ,

तो ख़्वाबों में सिर्फ आप ही ,

नजर आते हैं , और

इन ख़्वाबों में भी आपका ,

मुस्कुराता चेहरा दूर जाता हुआ ,

आपकी जुदाई का एहसास कराता हैं || 3 ||

जब अकेला होता हूँ ,

तो अपनी तनहाइयों का ख्याल आता हैं ,

इन तनहाइयों के घेरे में भी मैं अकेला हूँ ,

और मेरे चारों ओर आप सब की यादें हैं ,

जो मेरे आँखों से अश्कों को गिराती हैं || 4 ||

आपकी यादों में इतने हँसीन जख्म हैं ,

जख्म के दर्द हैं ,

फिर भी इस जख्म को मरहम से भर नहीं पाता ,

अपने आप को आपकी यादों को ,

याद करने से रोक नहीं पाता || 5 ||

also read :  इतना ना मुस्कुराइए !

also read :  ‘चन्द लम्हों की जिन्दगी अपनी’

सपन कुमार सिंह , 07/03/2007 , बुधवार 

Leave a Reply

Close Menu